Khan Sir ने क्यों ठुकराया 107 करोड़ रुपये का ऑफर

Khan sir offered 107 crore: खान सर इनके वीडियोस लगातार यूट्यूब पर देखे और सुने जा रहे हैं और काफी वायरल भी हो रहे हैं, यूट्यूब पर इनका चैनल खान जीएस रिसर्च सेंटर इंडिया का सबसे ज्यादा तेजी से ग्रुप होने वाला एजुकेशनल चैनल है। यूट्यूब ने खुद 2020 के टॉप 10 युटुब क्रिएटर के लिस्ट में खान सर का नाम 8 नंबर दिया था। Khan sir जो बहुत ही बेहतरीन काम कर रहे हैं और इनके वीडियो से लोगों को बहुत ही अच्छी अच्छी जानकारियां मिल रही है और लोग जागरूक हो रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है खान सर को एक बार पूरे 107 crore रुपए का ऑफर मिला था।

यह ऑफर कहां से मिला था क्यों मिला था कब मिला था और क्या उन्होंने यह ऑफर एक्सेप्ट किया चलिए जानते हैं इस किस्से के बारे में:-

107 करोड़ रुपए जी हां दोस्तों 107 करोड़ रुपए यह इतनी बड़ी रकम होती है की अगर किसी को मिल जाये तो उसकी सातों पुस्ते बैठ कर खा सकती है, खान सर जो कैसे टीचर है जिन्होंने 107 करोड़ रुपये को लेने से साफ साफ मना कर दिया उनको पता था कि अगर यह पैसे ले लेते हैं तो उनकी लाइफ बदल जाती है लेकिन खान सर एक सच्चे टीचर है एक सच्चे इंडियन होने का के साथ-साथ एक सच्चे देशभक्त भी है जो अपने पढ़ाई के बलबूते देश में क्रांतिकारी लाल लाना चाहते हैं।

उनका मानना है कि शिक्षा पर सबका अधिकार है सिर्फ पैसे वालों के लिए ही शिक्षा नहीं है इसीलिए वह अपने स्टूडेंट से मात्र ₹200 महीने का चार्ज करते हैं। और इसके साथ ही आप उनके यूट्यूब चैनल पर फ्री में ऑनलाइन एजुकेशन ले सकते हैं। खान सर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह एजुकेशन को इतना सस्ता करना चाहते हैं कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी से अच्छी शिक्षा पा सके, वे कहते हैं हमारे देश के बच्चे भले अब्दुल कलाम की तरह महान बने या ना बने लेकिन अजमल कसाब जैसे आतंकवादी नहीं बनना चाहिए। और इस काम को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना जी जान लगा दिया है

अगर आप भी ऑनलाइन एजुकेशन वीडियो देखते हैं या फिर युटुब के थ्रू ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं तो आप कभी ना कभी खान सर का वीडियो जरूर देखे होंगे यह वही शख्स है जो काफी समय से यूट्यूब पर एजुकेशनल वीडियो बना रहे हैं और काफी लंबे समय से यह लोगों को एकजुट करने का काम कर रहे हैं। खान सर एक जाने-माने टीचर है और इनके पढ़ाने का देसी तरीका लोगों को काफी पसंद कीया जा रहा है और इन के वीडियोस भी वायरल हो रहे हैं, वैसे तो आज के समय में ऐसे बहुत से लोग है जो फ्री में ऑनलाइन एजुकेशन दे रहे है लेकिन जिस तरीके से खान सर पढ़ाते है वो वाकई में लाजबाब है। ये किसी भी कॉम्प्लिकेटेड से कॉम्प्लिकेटेड, उलझे से उलझे टॉपिक्स को बड़े ही आसानी से अपने देसी शब्दों के अंदाज़ में समझा देते है।

इनके हर एक वीडियोस पर मिलियंस में भी आते हैं, इनके पढ़ाने का तरीका कुछ ऐसा है कि मंद बुद्धि वाले लोगों को भी बात समझ में आ जाए और आपको बता दे की आप इनके कोचिंग इंस्टिट्यूट जो कि पटना में है उसमें पढ़ना चाहते हैं तो इनकी फीस मात्र ₹200 हैं।ज्यादा पैसे नहीं लेते हैं एक टीचर अच्छे है दिल का सच्चे है ज्यादा पैसा नहीं लेते है।

आप इतिहास उठाकर देख लीजिए जिन जिन लोगों ने कुछ अच्छा काम करने का कोशिश किया है लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं आज के समय का प्रॉब्लम यह है कि आप खुल कर अच्छा काम भी नहीं कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ खान सर के साथ भी हुआ है, आज के समय में खान सर एक सेलिब्रिटी बन चुके हैं, एजुकेशन की दुनिया में खान सर एक ऑनलाइन सेंसेशन बन गए हैं और कारण सिर्फ एक ही है इनके बढ़ाने का अंदाज, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं आदमी जैसे जैसे सफलता के चिड़िया चढ़ता जाता है फेमस होते जाता है उसे उसे नीचे खींचने के लिए हजारों लोग इकट्ठे हो जाते हैं इसी तरह खान सर को नीचे खींचने के लिए इंटरनेट पर कई तरह की कंट्रोवर्सी पैदा की गई, इन पर कई तरह के आरोप भी लगाए गए, कईयों ने तो इन पर यह आरोप तक लगा दिया कि यह आंसर नहीं एक अमित सिंह है जो कि हिंदू है।

वैसे तो खान सर फ्री में ऑनलाइन वीडियो जो अपलोड करते रहते हैं यूट्यूब पर लेकिन यह बात कई लोगों को काफी चुभ रही है और इसीलिए कई बड़ी-बड़ी हस्तियां इनके ऊपर दबाव डाल रही है ताकि यह लोगों को मुफ्त में पढ़ाना बंद कर दें आप बिल्कुल यकीन नहीं करेंगे लेकिन इनके इस काम को रोकने के लिए बाकायदा एक सौ सात करोड़ रुपए का ऑफर भी दिया गया था, अब आप अंदाजा लगा ही लिया होंगे कि क्यों खान सर को 17 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया था।

लोग कहते हैं की भारत एक महान देश है, लेकिन मेरा मानना है कि भारत एक महान देश था। और इसके महानता के बीच में जो सबसे बड़ा रोड़ा रहा है वह है देश में करप्शन। एक व्यक्ति जो देश में एक अच्छा एजुकेशन सिस्टम बनाना चाहता है देश के अच्छे और काबिल युवाओं को सरकारी पदों पर देखना चाहता है, बच्चों को अच्छा है डॉक्टर बनाना चाहता है अच्छा इंजीनियर बनाना चाहता है, ऐसा व्यक्ति जो चाहता है कि शिक्षा का अभाव में एक भी बच्चा गलत डायरेक्शन की तरफ ना जाए।

ऐसे व्यक्ति को यह 107 करोड रुपए की घुश कुछ इस तरह से ऑफर की जा रही है, यह एक 107 करोड रुपए लो और बंद कर दो अपना यह फ्री एजुकेशन, आप पढ़ाना बंद कर दो क्योंकि हम पैसे लेकर पढ़ाते हैं, पैसे हमें चाहिए आप तो फ्री में पढ़ा रहे हैं आप तो ₹200 में पढ़ा रहे हैं आपको पैसे का क्या दरकार है आप यह 107 करो रुपए लीजिए और अपना फ्री में पढ़ाने का काम बंद करिए।

यह हमारे देश का सबसे बड़ा समस्या है यह कैसी विडंबना है जिसे रोकना बहुत ही मुश्किल है, यह जो शंख आंसर क्रीम एजुकेशन दे रहे हैं उसे रोकने के लिए 107 करोड के घुश दिए गए हैं पूरे 107 करोड, और इनसे कहा गया कि आप यह 107 करोड रुपये लेकर अपना फ्री एजुकेशन बंद कर दीजिए और आप हमारे इंस्टिट्यूट में पढ़ाना शुरू कर दीजिए।

लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि खान सर शिक्षा की अहमियत को समझते हैं, और यह वह यह भी जानते हैं कि आज के समय में भारत में गरीबी कितनी ज्यादा है और पैसे के अभाव में कितने लोग अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं
इसीलिए उन्होंने यह काम शुरू किया था ताकि लोगों को फ्री में अच्छी शिक्षा मिल सके, और कितने बार ऐसा होता है कि अच्छे प्रतिभाशाली स्टूडेंट की प्रतिभा पैसे की कमी से जी हां सिर्फ पैसे की कमी से दबकर रह जाती है
इसीलिए खान सर अपना यह मिशन रुकना नहीं चाहते है, और वह अपने फ्री एजुकेशन मिशन को बंद नहीं करना चाहते हैं
और इसी के चलते हैं उन्होंने 107 करोड़ों रुपए के इस ऑफर को ठुकरा दिया था
इस पूरे मुद्दे को लेकर एक वीडियो खान सर का काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे है
कि वह अपने पूरे जिंदगी में भी 107 करोड़ रूपया नहीं कमा सकता है लेकिन उसके बावजूद भी मैंने इनके ऑफर को ठुकरा दिया। वे कहते हैं कि बच्चों को पढ़ाने के लिए जो मैं ₹200 का फीस लेता हूं उस पर भी मुझे 18 परसेंट का जीएसटी देना पड़ता है।

इंटरव्यू में एंकर ने यह बड़ी कोशिश की जाने का है कि आखिर कौन लोग है जो खान सर को एक सौ सात करोड़ रुपए का ऑफर दे रहे हैं लेकिन खान सर बात की गंभीरता को समझते हैं इसीलिए उन्होंने उन बड़ी हस्तियों का नाम नहीं लिया नहीं तो एक और कंट्रोवर्सी खड़ी हो जाती। लेकिन अपने इस इंटरव्यू में खान सर ने एक बात कही जो वाकई में दिल को छू गई उन्होंने कहा कि मैं बच्चों को पढ़ाता हूं भारत को शिक्षित करना चाहता हूं, ग्रामीण भारत को शिक्षित करना चाहता हूं, उनकी भाषा में पढ़ाता हूं लोगों को खराब लगता होगा लेकिन मैं बोलता हूं।


अब आप ही बताइए ऐसी सोच रखने वाले इंसान के बारे में क्या कहना चाहिए खान सर आज के समय में एक ऐसे देश भक्त एक ऐसे इंसान है जो देश के साथ-साथ शिक्षा को ही वोट महत्व देते हैं एजुकेशन के प्रॉब्लम्स को समझते हैं, और शायद उनकी जगह कोई और होता तो वह इतने बड़े ऑफर को एक्सेप्ट ही कर लेता और अपना ईमान बेच देता, अगर आप इनके बारे में जानेंगे तो आपको पता चलेगा कि खान सर वाकई में कितने बड़े देशभक्त हैं।

खान सर बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहते थे उन्होंने रिटेन एग्जाम क्लियर भी कर लिया था लेकिन फिजिकल टेस्ट में छठ गए, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनका बाए हाथ थोड़ा सा मुड़ा हुआ है जिसके कारण उनका सिलेक्शन सेना में नहीं हो पाया। भले ही वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा नहीं कर पाए लेकिन आज के समय में अपने शिक्षा के दम पर देश की सेवा करें है।

आप भारत के किसी भी प्राइवेट स्कूल और कॉलेज को देख लीजिए हर कोई नोट छापने में लगा हुआ है, और इससे भी बड़ी समस्या यह है कि आज के समय में एजुकेशन सिस्टम कुछ इस तरह बिगड़ गया है कि अच्छी शिक्षा सिर्फ और सिर्फ पैसे खर्च करने से ही मिल सकती है, जिसके कारण सिर्फ अमीर व्यक्ति ही अच्छी शिक्षा ले पा रहे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि पढ़ाई और अच्छी शिक्षा गरीब आदमी के लिए बनाई नहीं है

आज के समय में कोई भी पेरेंट्स अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहता है, कुछ गिने-चुने स्कूल को और छोड़ दिया जाए तो बाकी जितने भी सरकारी स्कूल है उनमे पढ़ाई का स्तर बहुत ही ज्यादा खराब हो गया है

आज के समय में प्राइवेट स्कूल में लाखों रुपए तो डोनेशन लगते हैं, 5 से ₹10000 महीने के फीस ही लगते हैं, अब आप ही सोचिए एक आम इंसान जो महीने के आठ से ₹10000 कमाता है वह भला कैसे प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा पाएगा। उसको मजबूरी में सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना पड़ता है

और वही हमारे भारत में खान सर जैसे लोग जो स्टूडेंट को मुफ्त में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं उनको लोग नीचे गिराने में लगे हुए हैं उनकी लोग टांग खींच रहे हैं। कोई कहता है कि खान सच्चा मुसलमान नहीं है कोई कहता है खान सर हिंदू है,

“पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया” यह कुछ ऐसे स्लोगन है जो सिर्फ चुनाव के समय ही देखने को मिलते हैं लेकिन बाकी समय यह सिर्फ एक स्लोगन ही बनकर आ जाता है। चुनाव खत्म होने के बाद नेता सबसे पहले अपनी जेब भरने का कोशिश करता है बाद में शिक्षा और विकास के बारे में सोचता है

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